शनिवार, 29 जनवरी 2011

मेष लग्‍न की कुंडली मानव जाति की जीवनशैली का प्रतिनिधित्‍व करती है !!

पृथ्‍वी की घूर्णन गति के फलस्‍वरूप आसमान के 360 डिग्री पूरब से पश्चिम की ओर जाती की चौडी पट्टी को 12 भागों में बांटकर एक राशि निकाली जाती है। आमलोग तो यही जानते हैं कि इन 12 राशियों में से दो का महत्‍व अधिक है.. पहला ,जिसमें सूर्य स्थित हों , दूसरा , जिसमें चंद्र स्थित हों । पर ज्‍योतिष की पुस्‍तकों में इससे भी अधिक महत्‍व उस राशि का होता है , जिसका उदय बालक के जन्‍म के समय पूर्वी क्षितिज में हो रहा हो , इसे लग्‍न कहते हैं। एक चंद्र को छोडकर बाकी ग्रहों की स्थिति में दिनभर में कोई परिवर्तन नहीं होता , बारहों लग्‍न के आधार पर दो दो घंटे में अलग अलग जन्‍मकुंडली बनती है। बालक का जन्‍म जिस लग्‍न में होता है , उसी के आधार पर विभिन्‍न ग्रहों को उसके जीवन के सभी संदर्भों के सुख या दुख के निर्धारण का भार मिलता है।

आसमान के 0 डिग्री से 30 डिग्री तक के भाग का नामकरण मेष राशि  के रूप में किया गया है। जिस बच्‍चे के जन्‍म के समय यह भाग आसमान के पूर्वी क्षितिज में उदित होता दिखाई देता है , उस बच्‍चे का लग्‍न मेष माना जाता है। 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की मान्‍यता है कि मेष लग्‍न की कुंडली मानव जाति के जीवनशैली का पूर्ण तौर पर प्रतिनिधित्‍व करता है। इसे निम्‍न प्रकार से स्‍पष्‍ट और प्रमाणित किया जा सकता है।

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार मन का स्‍वामी चंद्र चतुर्थ भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के मातृ पक्ष , हर प्रकार की संपत्ति और स्‍थायित्‍व का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव के मन को पूर्ण तौर पर संतुष्‍ट करने वाली जगह माता , मातृभूमि , हर प्रकार की छोटी बडी संपत्ति और स्‍थायित्‍व ही होती है। माता , मातृभूमि और हर प्रकार की छोटी बडी संपत्ति और स्‍थायित्‍व से दूर मनुष्‍य सुखी नहीं हो सकता।

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार समस्‍त जगत में चमक बिखेरने वाला सूर्य  पंचम भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के बुद्धि , ज्ञान और संतान का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव भी अपनी बुद्धि और ज्ञान और सूझबूझ की मजबूती के बल पर या योग्‍य संतान के बल पर सारी दुनिया में प्रकाश फैलाने में सक्षम होते हैं , जबकि बुद्धि ज्ञान की कमी रखनेवाले लोग या उनके अज्ञानी या अयोग्‍य संतान पूरी दुनिया को दिशाहीन कर देती है।


मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार मंगल प्रथम और अष्‍टम भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के शरीर और जीवन का प्रतिनिधित्‍व करता है। पूरी दुनिया में मानव को जीवन को मजबूती देने के लिए शरीर की देखभाल की तथा स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जीवनशैली को सुव्‍यवस्थित बनाए रखने की आवश्‍यकता होती है। यदि स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा हो तो जीवन के सही होने की तथा स्‍वास्‍थ्‍य बुरा हो तो जीवन के बिगडने की संभावना बनती है। इसी तरह जीवनशैली गडबड हो तो स्‍वास्‍थ्‍य के गडबड रहने की तथा जीवनशैली सही हो तो स्‍वास्‍थ्‍य के अच्‍छे रहने की संभावना बनती है।

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार शुक्र द्वितीय और सप्‍तम भाव का स्‍वामी है और यह जातक के धन कोष तथा घर गृहस्‍थी का  प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव को भी घर गृहस्‍थी चलाने के लिए धन की तथा धन कोष की व्‍यवस्‍था के लिए घर गृहस्‍थी की आवश्‍यकता पडती है। साधन संपन्‍नता से घर गृहस्‍थी अच्‍छी चलती है , जबकि साधन की कमी से घर गृहस्‍थी का वातावरण गडबड रहता है। इसी प्रकार जीवनसाथी के पारस्‍परिक सहयोग से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है , जबकि सहयोग की कमी होने पर आर्थिक स्थिति कमजोर।

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार बुध तृतीय और षष्‍ठ भाव का स्‍वामी है और यह जातक के भाई बंधु , झंझट तथा प्रभाव से संबंधित मामलों का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव जीवन में भाई ,बंधु के मध्‍य झंझट होने की प्रबल संभावना बनी रहती है और किसी झंझट को हल करने के लिए भाई बंधु के सहयोग की आवश्‍यकता भी होती है। यदि भाई बंधु की स्थिति मजबूत हो तो अनेक प्रकार के झंझटों को सुलझाने और प्रभाव को मजबूत बनाने में मदद मिलती है , जबकि यह कमजोर हो तो न तो झंझट सुलझते हैं और न ही प्रभाव की बढोत्‍तरी हो सकती है। इसी प्रकार जिसके पास झंझट सुलझाने की शक्ति मौजूद हो , तो उन्‍हें भाई बंधुओं की कमी नहीं होती।


मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार बृहस्‍पति नवम और द्वादश भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के भाग्‍य , धर्म , खर्च और बाहरी संदर्भ का प्रतिनिधित्‍व करता है। मनुष्‍य के जीवन में भी भाग्‍य और खर्च का पारस्‍परिक संबंध होता है। वे भी भाग्‍य की मजबूती से खर्चशक्ति या बाहरी संदर्भों की मजबूती प्राप्‍त करते हैं तथा खर्च शक्ति या बाहरी संदर्भों की मजबूती से भाग्‍य की मजबूती पाते हैं। भाग्‍य कमजोर हो तो खर्च शक्ति या बाह्य संदर्भों में कमजोरी तथा खर्च शक्ति कमजोर हो तो भाग्‍य को कमजोर पाते हैं।

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार शनि दशम और एकादश भाव का स्‍वामी होता है यानि यह जातक के पिता पक्ष , प्रतिष्‍ठा पक्ष और हर प्रकार के लाभ का प्रतिनिधित्‍व करता है। मनुष्‍य के जीवन में भी पिता पक्ष और लाभ का आपस में संबंध होता है। हम सभी जानते हैं कि एक बच्‍चे को समाज में पहचान पिता के नाम से ही मिलती है , पिता के स्‍तर के अनुरूप ही उसे पद और प्रतिष्‍टा प्राप्‍त होती है या लाभ का वातावरण बनता है। इसके अलावे किसी प्रकार के लाभ के वातावरण के मजबूत होने पर ही किसी व्‍यक्ति को प्रतिष्‍ठा मिलती है और प्रतिष्‍ठा मिल जाने पर लाभ प्राप्ति का वातावरण मजबूत बनता है।

कल से आपलोग पढेंगे ... सभी लग्‍नवालों की कुंडलियों में किन किन संदर्भों का आपस में गहरा संबंध होता है .. और वे विभिन्‍न संदर्भों से संबंधित सुख दुख क्‍यूं प्राप्‍त करते हैं ??

गुरुवार, 27 जनवरी 2011

यदि कल राजपथ पर हिंदी ब्‍लॉग जगत की झांकी निकलती ... तो वो यूं होती !!

यदि कल गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर हिंदी ब्‍लॉग जगत की एक सुंदर सी झांकी निकाली जाती तो , इसमें हजारो ब्‍लॉगर और ब्‍लॉग्‍स भाग लेते। झांकी में सबसे आगे आगे चलता रहा होता बाल चर्चा मंच  , जिसमें रंग बिरंगे पोशाको में अपनी अदाओं से दिल जीत लेने वाले हमारे नन्‍हें मुन्‍ने .. आदित्य, जादूपाखी की दुनिया , नन्हे सुमन , बाल संसार ,नन्हा मन , क्रिएटिव कोना , बाल दुनिया, बाल सजग, बाल मन , चुलबुली, नन्ही परी ,मेरी छोटी सी दुनिया, माधव , अक्षयांशी, LITTLE FINGER , मैं शुभम सचदेव , कार्तिक समेत सैकडों बच्‍चे मौजूद होते।

उसके पीछे नारी और चोखेर बाली ब्‍लॉग का प्रतिनिधित्‍व करता महिलाओं का दल भी झांकी में चल पडता , जिसमें  रश्मि प्रभा  जी ,  निर्मला कपिला जी , नीलिमा जी , आशा जोगेलकर जी , मनीषा पांडे जी , आर. अनुराधा जी , प्रतिभाजी , संध्‍या गुप्‍ता जी , बेजी जी नीलिमा सुखीजा अरोडा जी , कीर्ति वैद्य जी , रेखा श्रीवास्तव जी , आकांक्षा जी , आभा जी , पारुल "पुखराज" जी   डॉ सुधा ओम ढिंगरा जी , नीलिमा गर्ग जी संगीता मनराल ,दीप्ति जी उन्मुक्ति जी  , पूजा प्रसाद जी , प्रत्‍यक्षा जी , अर्चना ,पल्‍लवी त्रिवेदी जी , सुजाता जी , फ़िरदौस ख़ान , वंदना पांडेय जी ,  रेणु जी , लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्`जी , मनविंदर जीडा.मीना अग्रवाल जी,पद्मा श्रीवास्‍तव जी,सुमन जिंदल जी ,डॉ मंजुलता सिंह जी , आलोकिता जीमोनिका गुप्ता जी,दीपा जी ,साधना वैद्य जी, डॉ. पूनम गुप्ता जी ,वर्षा जी,सुनीता शानू जी ,डॉ॰ मोनिका शर्माजी , शिखा कौशिकजी , शालिनी कौशिकजी,अजीत गुप्‍ता जी,गीतिका गुप्‍ताजी , आकांक्षा जी , अनुजा जी ,गरिमा जी , माया जी ,मनविंदर जी , किरण राजपुरोहितजी , डॉ.कविता वाचक्नवी जी ,रश्मि रविजा जी ,मुक्ति जी , शोभना चौरे जी , रेखा श्रीवास्तव जी ,मीनाक्षी जी,अनिता कुमार जी, स्वप्नदर्शी जी , मीनाक्षी जी , रंजना जी ,प्रतिभा जी , अंशुमाला जी , कविता रावत जी , वन्दना अवस्थी दुबे जी ,रंजना जी ,स्वाति जी,मोनिका जी, मोनिका जी ,हरकीरत हीर जी,सुशीला पुरी जी ,डा कविता किरण जी,संगीता स्वरुप जी,स्वप्न मंजूषा जी,डा दिव्या श्रीवास्तव जी,अल्पना देशपांडेजी,वन्दना जी आदि समेत हजारों महिलाएं शामिल होकर इसकी शोभा बढातीं। 




पुरूषों के दल में समीर लाल समीर जी,अनूप शुक्ल जी ,राकेश खंडेलवाल जी,रमण कौल  जी,युनुस खान जी,रविश कुमार जी,डॉ आशुतोष शुक्‍ल जी,मनोज कुमार जीअमरेन्‍द्र त्रिपाठी जी,प्रेम प्रकाश जी, डॉ रूप चंद्र शास्‍त्री जी,राजीव थेपडा जी,यशवंत माथुर जी,विजय माथुर जी,अशोक कुमार पांडेय जी ,रवि रतलामी जी ,मनीष कुमार जी , अमितेश जी,ललित कुमार जी, डॉ पवन कुमार जी मेरा जीतेन्‍द्र चौधरी जी , परमेन्‍द्र जी , दिनेश शर्मा जी प्रकाश बादल जी , अरविंद श्रीवास्‍तव जी , नीरज गोस्‍वामी जी , शास्‍त्री जे सी फिलिप जी , दीपक भारतदीप जी , ताऊ रामपुरिया जी , श्री अलवेला खत्री जी , रणधीर सिंह सुमन जी, मनोज कुमार पाण्डेय जी, ललित शर्मा जीडा. सिद्धेश्वर सिंह जी , रावेन्द्र कुमार रवि जी ,राजीव तनेजा जी , पवन चन्दन जी ,  के. एम. मिश्र का सुदर्शन जी ,  डा० अमर कुमार जी ,-रवीश कुमार जी , पुण्य प्रसून बाजपेयी जी,जी के अवधिया जी , गिरीश पंकज जी , ज्ञान दत्त पाण्डेय जी ,मसिजीवी जी, यशवंत मेहता जी ,  राजकुमार ग्वालानी जी ,  सूर्यकान्त गुप्ता जी , शिवम मिश्र जी , रुद्राक्ष पाठक जी,अजय कुमार झा जीदेव कुमार झा जी , उद्धव जी , उदय प्रकाश जी , शहरोज जी  शरद कोकास जी संजय व्यास जीअनुनाद सिंह जी समेत हजारो ब्‍लॉगर शामिल होते। 

स्‍वास्‍थ्‍य संबधी जानकारी देने वाले ब्‍लॉगर कुमार  राधारमण जी और विनय चौधरी जी, अलका सर्बत मिश्र जी, राम बाबू सिंह जी , सुशील बाकलिबाल जी, मीडिया डॉक्टर प्रवीण चोपडा जी, डॉ टी एस दराल जी चलते। विकांत शर्मा जी अध्यात्मिक चिंतन के साथ तथा अमन का पैग़ाम लिए एस एम मासूम जी भी साथ साथ चल रहे होते। डा0 अरविंद मिश्र जी , ज़ीशान हैदर ज़ैदी जी, ज़ाकिर अली 'रजनीश'जी , अर्शिया अली जी, विनय प्रजापति जी , रंजना भाटिया जी, अल्पना वर्मा जी, मनोज बिजनौरी जी, जी0के0 अविधया जी, सलीम खान जी, डा0 प्रवीण चोपड़ा जी, अभिषेक मिश्रा जी, अंकुर गुप्ता जी, अंकित जी, हिमांशु पाण्डेय जी, पूनम मिश्रा जी और दर्शन बवेजा जी आदि अपने विज्ञान संचार के कार्यक्रम को लेकर चल रहे होते।

विविधता से भरे हिंदी ब्‍लॉग जगत की इस झांकी में हमारे कार्टूनिस्टो की उपस्थिति आवश्‍यक होती , जिसको ध्‍यान में रखते हुए काजल कुमार जी, इरफ़ान खान जी,अनुराग चतुर्वेदी जी, कीर्तिश भट्ट जी, अजय सक्सेना जीकार्टूनिस्ट चंदर जी , राजेश कुमार दुबे जी, अभिषेक जी आदि को भी स्‍थान दिया जाता। मनीष क़ुमार जी और नीरज जाट जी जैसे घुमक्‍कडों को तो वहां मौजूद रहना ही था आसमान में चाँद पुखराज का भी अपनी उपस्थिति दर्शाता होता।

झांकी में ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत  के स्‍थान की क्षतिपूर्ति करने में इंडली  , हमारीवाणी  , अपना ब्लॉग , एक स्वचालित ब्लॉग संकलक , लालित्य , ब्लॉग अड्डा ,Woman Who Blog In Hindi , ब्लोग्कुट, इंडी ब्लोगर, रफ़्तार , ब्लॉग प्रहरीक्लिप्द इन , हिंदी चिट्ठा निर्देशिका, गूगल लॉग ,वर्ड प्रेस की ब्लोग्स ऑफ द डे , वेब  दुनिया की हिंदी सेवा,जागरण जंक्सन ,बीबीसी के ब्लॉग प्लेटफार्म,हिंदी मे ब्लॉग लिखती नारी की अद्भुत रचना , ब्लोग्स इन मीडिया , फीड क्लस्टर.कॉम , आज के हस्ताक्षर, परिकल्पना समूह, महिलावाणी ,  हिन्दीब्लॉग जगत, हिन्दी - चिट्ठे एवं पॉडकास्ट, ब्लॉग परिवार,चिट्ठा संकलक, लक्ष्य, हमर छत्तीसगढ़, हिन्दी ब्लॉग लिंक मिलकर पूरा करने की असफल कोशिश कर रहे होते। इस कमी को पूरा करने के लिए चिट्ठा चर्चा , चर्चा मंच , ब्लोग४वार्ता  , चर्चा हिंदी चिट्ठों की , समय चक्र , झा जी कहीन ब्‍लॉग ऑन प्रिंट आदि भी पूरी कोशिश में होते।

एक स्‍टॉल पर हिंदी की सभी वेब पत्रिकाएं सृजनगाथा, अभिव्यक्ति, अनुभूति, दि सन्दे पोस्ट, पाखी,एक कदम आगे, गर्भनाल , पुरवाई, प्रवासी टुडे, अन्यथा, भारत दर्शन,सरस्वती पत्र ,साहित्य कुञ्ज , पांडुलिपि , प्रवक्‍ता , हिंद युग्म , अरगला , तरकश , अनुरोध  , ताप्तीलोक, कैफे हिन्दी, हंस ,,ताप्तीलोक, कैफे हिन्दी, हंस ,अक्षय जीवन ,अक्षर पर्व ,पर्यावरण डाइजेस्ट , ड्रीम २०४७  ,गर्भनाल ,मीडिया विमर्श, ,काव्यालय,कलायन ,निरन्तर ,भारत दर्शन ,सरस्वती , अन्यथा , परिचय ,Hindi Nest dot Com, तद्भव, उद्गम ,कृत्या , Attahaas , रंगवार्ता ,क्षितिज ,इन्द्रधनुष इण्डिया सार-संसार ,लेखनी -,मधुमती ,साहित्य वैभव ,विश्वा,सनातन प्रभात,हम समवेत,वाङ्मय ,समाज विकास -,गृह सहेली,साहित्य कुंज,लोकमंच,उर्वशी ,संस्कृति , प्रेरणा , जनतंत्र , समयांतर ,साहित्‍य शिल्‍पी सजी हुई झांकी में अपनी उपस्थिति को दर्ज कर रही होती।

किसी तरह की तकनीकी समस्‍याओं से निबटने के लिए ई-पण्डित ,हिंदी ब्लॉग टिप्स  , तकनीकी दस्तक , अंकुर गुप्ता के हिंदी ब्लॉग , ई -मदद ,हिंदी टेक ब्लॉग , तरकश.कॉम  , ब्लॉग मदद, टेक वार्ता , ज्ञान दर्पण , तकनीकी संवाद , ब्लॉग बुखार बिल्‍कुल तैयार खडे होते । किसी भी प्रकार के विवाद के निबटारे के लिए दिनेश राय द्विवेदी जी का ब्‍लॉग तीसरा खम्बा , तथा अदालत भी मौजूद होते।

झांकी में अच्‍छे प्रदर्शन के लिए संवाद सम्मान , फगुनाहट सम्मान , बैशाखनंदन सम्मान परिकल्पना सम्मान -२०१० आदि की व्‍यवस्‍था भी की गयी होती। पांचो शोधार्थियों केवल राम जी , अनिल अत्री जी , चिराग जैन जी , गायत्री शर्मा जी और रिया नागपाल जी को हिंदी ब्‍लॉगिंग में किए जा रहे उन‍के शोध के लिए यह झांकी काफी मददगार सिद्ध होती। सिर्फ ममता टी वी और रेडियो वाणी में ही नहीं , हिंदी ब्लोगिंग की इस झांकी को अविनाश वाचस्पति जी , गिरीश बिल्लोरे मुकुल जी और पद्म सिंह जी ने पूरे विश्व में प्रसारित कर दर्शकों को दंग ही कर दिया होता।


इस लेख को तैयार करने में ब्‍लॉग और ब्‍लॉगर्स के नाम और लिंक के लिए परिकल्‍पना के हिंदी ब्‍लाग विश्‍लेषण के लेखों के साथ साथ नारी ब्‍लॉग , चोखेर बाली ब्‍लॉग के साथ साथ साइंस ब्‍लॉगर एसोशिएशन से सहयोग लिया गया है , उनका आभार .. जो मित्र और जिनके ब्‍लॉग्स छूट गए हों उनसे क्षमायाचना ....


संगीता पुरी