मंगलवार, 30 अक्तूबर 2012

आनेवाले दो महीने में बुध ग्रह का आपपर पडने वाला प्रभाव क्‍या होगा ??


भले ही अपने जन्‍मकालीन ग्रहों के हिसाब से ही लोग जीवन में सुख या दुख प्राप्‍त कर पाते हैं , पर उस सुख या दुख को अनुभव करने में देर सबेर करने की भूमिका आसमान में समय समय पर बन रही ग्रहों की स्थिति की ही होती हैं। जहां ढाई वर्षों के लिए शनि , एक वर्ष के लिए बृहस्‍पति , चार छह महीने के लिए मंगल , चार महीने के लिए शुक्र लोगों के समक्ष खास परिस्थितियां उपस्थित करने में जिम्‍मेदार होता है , वहीं दो महीने के लिए बुध का प्रभाव भी देखा गया है।

आसमान में यूं तो 24 अक्‍तूबर से ही वृश्चिक राशि में बुध ग्रह की स्थिति बनी हुई है और किसी न किसी रूप में 27 दिसंबर तक बनी ही रहेगी, पर 26 अक्‍तूबर 2012 से 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से बुध ग्रह अन्‍य ग्रहों से खास कोणिक दूरी पर होने के कारण कुछ को सुखद तो कुछ को कष्‍टकर वातावरण प्रदान कर सकता है। इसकी क्रियाशीलता धीरे धीरे बढती जा रही है , जिसके कारण किसी खास कार्यक्रम में लोगों का ध्‍यान संकेन्‍द्रण बनता जा रहा होगा। 


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3 टिप्‍पणियां:

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

आपकी पोस्ट बुधवार (31-10-12) को चर्चा मंच पर | जरूर पधारें | सूचनार्थ |

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

TUESDAY, 30 OCTOBER 2012

विदुषी ज्योतिष से जुड़ी, गत्यात्मक सन्दर्भ -



अधूरे सपनों की कसक (22) !
रेखा श्रीवास्तव
मेरी सोच

दीदी संगीता पुरी जी
विदुषी ज्योतिष से जुड़ी, गत्यात्मक सन्दर्भ ।
एक एक जोड़ें कड़ी, पढ़ें समय का गर्भ ।
पढ़ें समय का गर्भ , समर्पित कर दी जीवन ।
वैज्ञानिक सी दृष्टि, देखता श्रेष्ठ समर्पण ।
पूज्य पिता का क्षेत्र, जोड़ संगीता हरषी ।
शुभकामना अपार, जरा स्वीकारो विदुषी ।।

रविकर भाई !ज्योतिष में कोई एक समान प्रागुक्ति विधान नहीं है दस ज्योतिष 11 भविष्य फल .जैसे पैथोलोजिकल लैब हो .
"what quakery is to medicine so is astrology to astronomy .

astrolgy is the predictional part of astronomy ,but in want of a universal methodology it is not relaible .

संगीता पुरी ने कहा…

परंपरागत ज्योमतिष में जो खूबिया या खामियां रही हो ..
पर हमारे शोध के बाद ज्योषतिष शास्त्रम से विज्ञान बन गया है ..
इस वीडियो से इसे साफ साफ समझा जा सकता है!!