सोमवार, 6 मई 2013

हमारे सॉफ्टवेयर के आधार पर बने कुछ महत्‍वपूर्ण लोगों के जीवनग्राफ ..... ( Astrology )

मेरे ब्‍लॉग में और फेसबुक में अनेक बार जीवन ग्राफ शब्‍द की चर्चा हुई है .. शायद ही लोग जानते होंगे कि 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के सूत्रों के आधार पर किसी के जन्‍मकालीन ग्रहों को देखकर किसी के पूरे के उतार चढाव का लेखा चित्र ख्‍ींचा जा सकता है ... जीवन ग्राफ के अनुसार ही या तो हम आराम से सफलता प्राप्‍त करते हैं या कठिन श्रम से सफलता या कठिन श्रम के बाद भी असफलता या फिर निराशाजनक वातावरण में जीने को बाध्‍य होते हैं .... कभी परिस्थितियां हमारे नियंत्रण में होती हैं तो कभी हम परिस्थितियों के नियंत्रण में ... मेरे सॉफ्टवेयर ने कुछ महत्‍वपूर्ण लोगों का जीवन ग्राफ निकाला है ... इस लेख में कुछ उदाहरणों द्वारा स्‍पष्‍ट किया जा रहा है ...

यह फिल्‍म स्‍टार संजय दत्‍त का जीवन ग्राफ है ... बचपन में मां की मृत्‍यु के उपरांत इनका 1983 तक का समय बहुत कठिनाईपूर्ण व्‍यतीत हुआ , उसके बाद 1989 तक आरामदायक जीवन था , पर 1989 के बाद से ही ग्राफ ने मोड लिया , 1995 के बाद किए जाने वाले मेहनत के बाद भी 2001 के आसपास का समय असफलतापूर्ण बना रहा , पर उसके बाद कानूनी शिकंजे में कुछ ढील मिली , इन्‍हें काम करने का वातावरण और 2007 से 2013 तक का समय तो जीवन के सर्वाधिक सफलता का समय बना रहा।। 2013 में अचानक कानूनी शिकंजा कुछ तेज हो गया है , ग्राफ के हिसाब से भी आगे समय सही नहीं दिखता।

यह फिल्‍म स्‍टार अमिताभ बच्‍चन का जीवन ग्राफ है .. ये भी 1966 तक के जीवन को काफी सुखद नहीं मानते , परिस्थितियों की कुछ कठिनाई हो न हो स्‍वभाव के अतर्मुखी थे और उनके बाद में इतने बडे स्‍टार बन जाने की बात कोई नहीं सोंच सकता था , पर हम देख सकते हैं कि उसके बाद इनका पूरे जीवन ग्राफ सकारात्‍मक रहा और 2014 तक निरंतर काम का वातावरण और सफलता मिलती गई , 2006 से स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर यदा कदा परेशानी आती रही है वो 2014 के बाद बढ सकती है , क्‍योंकि 2014 के बाद इनके जीवन ग्राफ में ऋणात्‍मकता है।



यह बिहार के मुख्‍य मंत्री लालू प्रसाद यादव का जीवन ग्राफ है .. बचपन से कमजोर परिस्थितियों के साथ आरंभ होने वाली जीवन यात्रा 1978 तक बहुत ही अच्‍छी बन गयी , जहां छात्र नेता के रूप में इनका व्‍यक्तित्‍व महत्‍वपूर्ण था , पर उसके बाद काम का वातावरण मिलने के बावजूद स्‍तर के बावजूद 1990 तक बडी सफलता नहीं दिख सकी , 1990 से 2002 तक ग्राफ के उत्‍तरोत्‍तर विकास के साथ मुख्‍यमंत्री के तौर पर ये महत्‍वपूर्ण बने रहें , 2002 के बाद ग्राफ में गिरावट के साथ ही इन्के सम्‍मुख कुछ न कुछ कठिनाई उपस्थित होनी आरंभ हुई और 2008 के बाद असफलता का क्रम 2014 तक किसी न किसी रूप में मौजूद रहा । 2014 में पुन: परिस्थितियों में कुछ सुधार की गुंजाइश है। 


यह मेनका गांधी का जीवन ग्राफ है .... जन्‍म से 1974 तक सुखद माहौल में पालन पोषण और व्‍यक्तित्‍व का संपूर्ण विकास प्राप्‍त करने के बाद इनका परिस्थितियों से नियंत्रण कमजोर दिखने लगा है , किस तरह की ऋणात्‍मक वातावरण को झेल रही थी , उनकी मन:स्थिति के बारे में तो मैं नहीं बता सकती , पर 1980 के बाद की परिस्थिति तो उनके ग्राफ के सत्‍य को बयान कर ही देती है। उनके साथ जो हुआ वह 1986 तक उन्‍हें निराश करने के लिए काफी था। 1986 के बाद वो निरंतर काम कर अपने महत्‍व को स्‍थापित करती जा रही है , पर 2010 तक का समय बडी सफलता का नहीं दिख रहा। 2016 के बाद कुछ अच्‍छी उम्‍मीद रखी जा सकती है।


यह फिल्‍म स्‍टार सलमान खान का जीवन ग्राफ है , 2007 के आसपास के कुछ वर्षों को छोड दिया जाए तो 1989 से 2019 तक ग्राफ सकारात्‍मक ही दिख रहा है , निरंतर सफलता की सीढियां चढते जा रहे हैं , 2019 के बाद ही इनके जीवन में कुछ बाधाएं आ सकती हैं , जो 2025 के बाद बडा रूप ले लें।


यह गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के जनक मेरे पिताजी श्री विद्या सागर महथा जी का जीवन ग्राफ है .. जैसा कि ग्राफ की शुरूआत निम्‍न स्‍तर से हुई है , बचपन में हुए चेचक ने न सिर्फ छह महीने बिस्‍तर पर रहने मजबूर और शरीर को कुछ दिनों के लिए कमजोर किया , वरन् पूरे जीवन के लिए चेहरे पर चेचक के दाग दे दिया , पर क्रमश: बढते हुए ग्राफ ने इन्‍हें समाज में मेधावी छात्र के तौर पर स्‍थापित किया और 1963 तक की जीवनयात्रा एक विद्यार्थी के तौर पर बहुत अच्‍छी रही। पर 1963 के बाद जैसे ही ग्राफ में गिरावट आरंभ हुई , कैरियर में हर जगह असफलता ही हाथ आयी , 1969 तक निराशा के भंवर में डूबने उतराने के बाद उन्‍होने गंभीरता से प्रकृति के उस रहस्‍य को समझने की चेष्‍टा की , जिसके कारण इतने प्रतिभाशाली होते हुए भी वे ढंग की नौकरी न प्राप्‍त कर सके। छह वर्षों तक तरह तरह की ज्‍योतिष की पुस्‍तकों में बिखरे पडे ज्‍योतिषीय तथ्‍यों के परत दर परत खोलते हुए उनके सामने 1975 तक सचमुच एक रहस्‍य सामने आया , उसके बाद तो ग्रहों के प्रभाव के एक एक रहस्‍य की गुत्‍थी सुलझती चली गई। 1981 के बाद प्रायोगिक तौर पर काम आरंभ हुआ और निरंतर चल रहा है। 


यह ग्राफ  उ०  प० के मुख्य मंत्री अखिलेश यादव की है, २०१५ तक अनायास सफलता प्राप्ति का ग्राफ दिख रहा है ,  .... 

यह ग्राफ क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का है , २०११ तक आसान सफलता के बाद गंभीरता बढ़ी है …… 


यह ग्राफ बॉलीवुड की महान अदाकारा हेमा मालिनी जी का है ....... 

यह ग्राफ जैकी श्रॉफ को तब दिया गया था , जब लगातार उनकी हर फिल्म हिट हो रही थी .... 

यह ग्राफ संसद मनोज तिवारी का है.... 


यह ग्राफ शबाना आजमी जी का है ....... 


यह ग्राफ वरुण गांधी का है ................... 







यह ग्राफ पूरे आसमान में मौजूद सारे ग्रहों के चित्र को देखकर बनाया जाता है , अबतक 40,000 से ऊपर कुंडलियों में इसकी जांच हो चुकी है , विरले ही कहीं अपवाद नजर आया हो। इस खोज के बाद एक बात स्‍पष्‍ट हुई है कि आज के समाज की जो जीवनशैली है , वह प्राकृतिक तौर पर सही नहीं है , हमें अपनी जीवनशैली अपनी सोंच बदलनी होगी। 

कोई टिप्पणी नहीं: